राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन का इस्तीफा किया मंजूर, तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए संभालेंगे संगठन की जिम्मेदारी
सर्च न्यूज: सच के साथ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से 15 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा मंजूर किया गया। मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके इस्तीफे के साथ केंद्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है।
राज्यसभा की सदस्यता से भी दिया इस्तीफा: केंद्रीय मंत्री पद छोड़ने के साथ ही मुरुगन ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का भी फैसला किया। वह सितंबर 2021 में पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने थे और अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से दोबारा उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे। राज्यसभा सचिवालय की अधिसूचना के अनुसार, उनका इस्तीफा 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हुआ। मुरुगन ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार में काम करने को अपने लिए सम्मान की बात बताया और अब पार्टी संगठन के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय होने की इच्छा जताई।
मंत्रिपरिषद में बदलाव की चर्चाएं तेज: एल. मुरुगन का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। इससे पहले जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू भी केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि, मुरुगन के इस्तीफे को लेकर जारी आधिकारिक जानकारी में तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के उनके उद्देश्य का उल्लेख है। मंत्रिमंडल में आगे क्या बदलाव होंगे, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
