November 4, 2026

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 से पहले प्रवेश पत्रों में कथित गड़बड़ियों को लेकर गहराया विवाद

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सर्च न्यूज: सच के साथ: रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 से पहले प्रवेश पत्रों में कथित गड़बड़ियों को लेकर विवाद गहरा गया है। अभ्यर्थियों ने विषय चयन में त्रुटि, गलत विषय दर्ज होने और कई प्रवेश पत्रों से फोटो व हस्ताक्षर गायब होने की शिकायत की है। 26 अक्टूबर को बोकारो, हजारीबाग, लातेहार, दुमका, पाकुड़ और गुमला समेत विभिन्न जिलों के अभ्यर्थी अपनी समस्याएं लेकर रांची स्थित झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) के कार्यालय पहुंचे। अभ्यर्थियों का दावा है कि इन गड़बड़ियों से राज्यभर में लगभग 10 से 12 हजार परीक्षार्थी प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि प्रवेश पत्र में दर्ज गलत विषय के कारण भविष्य में प्रमाणपत्र और शिक्षक नियुक्ति के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में परेशानी हो सकती है।


अभ्यर्थियों के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया के दौरान विषय चयन के विकल्पों में बदलाव की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से यह समस्या उत्पन्न हुई। कुछ परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने आवेदन के समय उपलब्ध विकल्पों के आधार पर विषय चुना था, लेकिन प्रवेश पत्र जारी होने पर उसमें अलग विषय दर्ज मिला। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्रों में फोटो और हस्ताक्षर नहीं होने की शिकायत भी सामने आई। विरोध के बाद दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने JAC के अधिकारियों से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि अभ्यर्थी फिलहाल जारी प्रवेश पत्र के आधार पर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं और परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सत्यापन के दौरान आवश्यक सुधार पर विचार किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने इस संबंध में लिखित आश्वासन भी प्राप्त किया।


झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 का आयोजन 1 नवंबर 2026 को राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में निर्धारित है। पहली पाली में कक्षा छह से आठ के लिए परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि दूसरी पाली में कक्षा एक से पांच के लिए परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होनी है। परीक्षा की तारीख नजदीक होने के कारण अभ्यर्थी JAC से प्रवेश पत्रों की त्रुटियों, विषय चयन में हुए बदलाव और सुधार की प्रक्रिया पर स्पष्ट आधिकारिक सूचना जारी करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान होने से परीक्षार्थियों की चिंता दूर होगी और भविष्य में पात्रता सत्यापन के दौरान अनावश्यक कठिनाइयों से बचा जा सकेगा।

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