November 4, 2026

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: आर्म्स एक्ट मामले में अखिलेश सिंह की दोषमुक्ति बरकरार, सरकार की अपील खारिज

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सर्च न्यूज: सच के साथ: रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने जमशेदपुर के चर्चित मामले में अखिलेश सिंह को बड़ी राहत दी है। अदालत ने निचली अदालत द्वारा उसे आर्म्स एक्ट के आरोपों से बरी किए जाने के फैसले को सही ठहराया है। राज्य सरकार की ओर से दायर दोषमुक्ति अपील (एक्विटल अपील) पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति राजेश कुमार की पीठ ने इसमें कोई ठोस आधार या मेरिट नहीं पाते हुए इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया।

क्या था पूरा मामला: यह मामला जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना कांड संख्या 86/2004 (जीआर केस संख्या 1733/2004) से संबंधित है। पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, 9 अक्टूबर 2004 को एक अन्य मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद अखिलेश सिंह ने कथित तौर पर पुलिस के समक्ष यह स्वीकार किया था कि उसने सिदगोड़ा क्षेत्र के क्वार्टर संख्या 59 में हथियार छिपाकर रखा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर बेडरूम की एक रैक से 9 एमएम की पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया था, जिसके बाद आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

अदालत की टिप्पणियां: इस मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश करने में विफल रहा। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस के समक्ष दी गई कथित स्वीकारोक्ति को कानूनी रूप से साबित नहीं किया जा सका। इसके अलावा, जिस परिसर या क्वार्टर से हथियार और कारतूस बरामद करने का दावा किया गया था, उस पर आरोपी का कोई सीधा नियंत्रण या आधिपत्य स्थापित नहीं हो सका। इन परिस्थितियों में कोर्ट ने बरामदगी को संदेहास्पद माना और निचली अदालत द्वारा 12 अगस्त 2021 को दिए गए बरी करने के फैसले को पूरी तरह सही माना。

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