September 4, 2026

Jharkhand: झारखंड में मनरेगा, पीएम आवास और जल जीवन मिशन पर CAG की सख्त टिप्पणी, झारखंड में मनरेगा, पीएम आवास और जल जीवन मिशन पर CAG की सख्त टिप्पणी, योजनाओं के क्रियान्वयन में मिलीं कई अनियमितताएं

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सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की पांच रिपोर्ट पेश की गईं। इनमें मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) और जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर कमियां और अनियमितताएं सामने आई हैं।

CAG की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2022 तक राज्य में 22.34 लाख पात्र परिवारों की पहचान की गई थी, लेकिन प्राथमिकता सूची में खामियों, आवंटित लक्ष्य का पूरा उपयोग नहीं कर पाने और लाभार्थियों की सूची तैयार करने में करीब दो साल की देरी के कारण केंद्र से केवल 16.02 लाख आवासों का आवंटन हुआ। इसके चलते करीब 6.32 लाख पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए। रिपोर्ट के मुताबिक 2016 से 2024 के बीच 15,92,124 मकान स्वीकृत हुए, जिनमें से जनवरी 2025 तक 15,62,249 मकान पूरे हुए।

जल जीवन मिशन में भी योजना की रफ्तार को लेकर सवाल उठाए गए हैं। CAG के मुताबिक राज्य सरकार ने 98,067 योजनाओं को मंजूरी दी थी, जिनकी अनुमानित लागत करीब 24,360 करोड़ रुपये थी। इनमें से 97,535 योजनाएं क्रियान्वयन के लिए ली गईं, लेकिन दिसंबर 2024 तक केवल 27,249 योजनाएं ही पूरी हो सकीं। मार्च 2025 तक राज्य के 62.53 लाख ग्रामीण परिवारों में से करीब 34.31 लाख परिवारों को ही कार्यशील नल कनेक्शन मिल पाया था, जो राष्ट्रीय स्तर के लगभग 80 प्रतिशत कवरेज से कम था।

रिपोर्ट में मनरेगा के क्रियान्वयन को लेकर भी कमियां दर्ज की गई हैं। CAG की रिपोर्टों का उद्देश्य योजनाओं के लिए उपलब्ध धन, खर्च, लक्ष्य की प्राप्ति और लाभार्थियों तक योजनाओं के वास्तविक लाभ की जांच करना है। इन निष्कर्षों के बाद योजनाओं की बेहतर निगरानी, पात्र लाभार्थियों की सही पहचान और समय पर परियोजनाओं को पूरा करने की जरूरत पर जोर बढ़ गया है।

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