सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर: वैज्ञानिक अनुसंधान और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML), जमशेदपुर और मेसर्स ओसवाल इंजीनियरिंग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य उद्योग और अनुसंधान संस्थान के बीच सहयोग को मजबूत करते हुए आधुनिक तकनीकों के विकास, नवाचार और औद्योगिक समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान को बढ़ावा देना है।
समझौते के तहत दोनों संस्थान धातुकर्म, सामग्री विज्ञान, इंजीनियरिंग समाधान, नई उत्पादन तकनीकों के विकास, तकनीकी परामर्श तथा अनुसंधान एवं विकास (R&D) से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे। इससे उद्योगों को अत्याधुनिक तकनीकी सहायता मिलने के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में भी सुधार होने की उम्मीद है।CSIR-NML के अधिकारियों ने कहा कि उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच इस प्रकार का सहयोग देश में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को मजबूती प्रदान करेगा। वहीं, ओसवाल इंजीनियरिंग के प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि इस साझेदारी से नई तकनीकों के व्यावसायिक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।समझौता समारोह के दौरान दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इस अवसर पर तकनीकी नवाचार, ज्ञान के आदान-प्रदान और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी जमशेदपुर को औद्योगिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों के विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।