September 6, 2026

J.P.Nadda discussed on the reservation issue:आरक्षण के मुद्दे पर नड्डा से संवाद, जल्द होगी अगली बैठक; आंदोलन के प्रतिनिधियों से हुई सौहार्दपूर्ण बातचीत

file_00000000b3348207938f74e9ff7585c8

सर्च न्यूज: सच के साथ: नई दिल्ली, 27 अगस्त। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 अगस्त को हुए ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के बाद इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात की। यह बैठक नड्डा के आवास पर हुई, जिसमें हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक समेत टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधियों के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर प्रतिनिधियों के साथ जल्द ही दोबारा मुलाकात होगी। हालांकि, नड्डा ने बैठक में हुई विस्तृत चर्चा या सरकार की ओर से किसी संभावित निर्णय की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के तहत 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था। आंदोलन से जुड़े लोगों ने आरक्षण और सरकारी सहायता के लिए जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को प्रमुख आधार बनाने की मांग उठाई थी। आंदोलनकारियों की ओर से आर्थिक स्थिति के साथ दिव्यांगता और पारिवारिक परिस्थितियों जैसे पहलुओं को भी महत्व देने की बात कही गई।इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, जुलूस या सभा के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी खबर सामने आई थी।

मुलाकात के बाद आंदोलन से जुड़े हर्ष दुबे ने इसे संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने 21 अगस्त के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर नड्डा के साथ संक्षिप्त चर्चा की और आगे फिर मुलाकात की संभावना है। आंदोलन से जुड़े पक्ष का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी विशेष वर्ग के खिलाफ खड़ा होना नहीं, बल्कि समान अवसर और न्यायसंगत व्यवस्था को लेकर अपनी बात लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से रखना है।

जेपी नड्डा और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच दोबारा बातचीत की बात सामने आने के बाद आरक्षण व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस के और तेज होने की संभावना है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अगली बैठक कब होगी और उसमें किन विशेष मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सरकार की ओर से भी आंदोलन की मांगों पर किसी नीतिगत बदलाव या निर्णय की घोषणा नहीं की गई है।

You may have missed