September 5, 2026

Flash flood alert at Gandak river: नेपाल के सैलाब से गंडक में बढ़ा पानी, सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वे; प्रशासन अलर्ट

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सर्च न्यूज: सच के साथ: पटना/वाल्मीकिनगर, 27 अगस्त। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को सोनपुर से वाल्मीकिनगर तक गंडक नदी और सीमावर्ती इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति, संभावित प्रभाव और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ का असर गंडक नदी पर दिखाई दिया। बुधवार को नेपाल की ओर से गंडक नदी के रास्ते पानी बिहार में पहुंचा और वाल्मीकिनगर बैराज तक जलप्रवाह बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बैराज के सभी 36 फाटक खोले गए और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट रखा गया।जल संसाधन विभाग के अनुसार, वाल्मीकिनगर बैराज से जलप्रवाह 26 अगस्त की रात करीब 11 बजे 1.50 लाख क्यूसेक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर में कमी दर्ज की गई और गुरुवार सुबह जलप्रवाह करीब 1.04 लाख क्यूसेक रह गया।

हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वाल्मीकिनगर पहुंचे और गंडक बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने बैराज के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम हिस्से में पानी के बहाव की स्थिति देखी तथा नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों से नदी के जलस्तर और जलस्राव की ताजा जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जलस्तर में कमी का रुझान है, हालांकि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बारिश के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी मौजूदा हालात की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

गंडक नदी के जलप्रवाह में कमी आने से बिहार के सीमावर्ती इलाकों में तत्काल बाढ़ के खतरे में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन प्रशासन अभी भी पूरी तरह अलर्ट है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश और वहां से आने वाले पानी के कारण गंडक के जलस्तर में दोबारा उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसलिए संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी और प्रशासनिक तैयारियां जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण और बैराज निरीक्षण के बाद प्रशासनिक मशीनरी को किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। फिलहाल जलस्तर में गिरावट को राहत की खबर माना जा रहा है, लेकिन अगले कुछ घंटों में गंडक के बहाव पर सभी की नजर बनी रहेगी।

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