Greater Noida:जेवर-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में विकास की नई उड़ान, मेडिकल हब से ताइवान सिटी तक कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
सर्च न्यूज: सच के साथ: ग्रेटर नोएडा, 27 अगस्त। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 92वीं बोर्ड बैठक में जेवर-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, ताइवान सिटी और फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसी परियोजनाओं के जरिए इस क्षेत्र को औद्योगिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और तकनीकी निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए सेक्टर-6 में करीब 300 एकड़ भूमि पर ताइवान सिटी विकसित करने की योजना है। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्नोलॉजी और आधुनिक विनिर्माण से जुड़ी कंपनियों को आकर्षित करने पर जोर रहेगा। इससे उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश के साथ तकनीकी और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सेक्टर-6 में ही करीब 100 से 125 एकड़ भूमि पर फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जाएगा। इसमें टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, ओरल लिक्विड और अन्य तैयार दवाओं के निर्माण से जुड़ी इकाइयों को जगह देने की योजना है। क्लस्टर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) मानकों के अनुरूप उत्पादन को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
सेक्टर-14 में करीब 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इसके अलावा सेक्टर-23D में करीब 50 एकड़ भूमि पर आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित की गई है। इससे उच्च शिक्षा, खेल प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए नई सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सेक्टर-23C में अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए भूमि चिन्हित करने का फैसला भी लिया गया है। इसके अलावा सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ में आधुनिक मंडी विकसित करने की योजना है, जिससे कृषि उत्पादों के भंडारण, व्यापार और विपणन को बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी।
इन परियोजनाओं के जरिए जेवर एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और परिवहन से जुड़े क्षेत्रों को एक साथ बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यीडा के इन फैसलों से जेवर-नोएडा एयरपोर्ट क्षेत्र को आने वाले समय में एक बड़े औद्योगिक और संस्थागत हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के साथ क्षेत्र में नई कंपनियों, संस्थानों और रोजगार के अवसरों का विस्तार हो सकता है। खास तौर पर ताइवान सिटी और फार्मा क्लस्टर को उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
