September 6, 2026

Education Minister Dharmender Pradhan gives resignation:छात्र आंदोलन के आगे झुकी सरकार: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: “युवाओं का भविष्य राजनीति में न उलझे इसलिए छोड़ रहा हूं पद” – धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बड़ी बातें

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सर्च न्यूज: सच के साथ: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और अपना त्यागपत्र सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। इस बड़े फैसले की घोषणा उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के जरिए की, जिसने देश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे राजनीतिक गतिरोध में एक नया मोड़ ला दिया है।

यह इस्तीफा नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित पेपर लीक और व्यापक गड़बड़ियों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहे छात्रों के बड़े आंदोलन के बाद आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न युवा संगठनों के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने संसद के मानसून सत्र को भी काफी प्रभावित किया था, और आगे किसी भी बातचीत के लिए शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी को अपनी मुख्य शर्त बनाया था।अपने आधिकारिक बयान में, धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले कुछ हफ्तों की उथल-पुथल भरी घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि पद छोड़ना उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका यह निर्णय राष्ट्रीय एकता की रक्षा करने, राष्ट्रविरोधी ताकतों को छात्र असंतोष का फायदा उठाने से रोकने और देश के युवाओं के भविष्य को कानूनी और राजनीतिक जटिलताओं से मुक्त रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

इस घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तुरंत जश्न का माहौल बन गया और छात्र नेताओं ने इसे छात्र शक्ति की एक ऐतिहासिक जीत बताया। आने वाले समय में, सरकार द्वारा CJP नेतृत्व के साथ तीसरे दौर की औपचारिक बातचीत को आगे बढ़ाने की उम्मीद है, जिसमें आंदोलनकारी छात्रों के लिए न्यायिक सुरक्षा और परीक्षा से जुड़ी दुखद घटनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा पैकेज जैसी शेष मांगों पर चर्चा की जा सकती है।

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