September 6, 2026

DD Bar Murder Case:हिमांशु हत्याकांड : प्री-प्लान्ड था हमला, कार में पहले से छिपाए थे हथियार घटना के बाद शराब भट्ठी में ली थी पनाह

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सर्च न्यूज:सच के साथ: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित ‘डबल डाउन बार’ के बाहर हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच में जुटी विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस जांच और मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की रिमांड के दौरान हुई पूछताछ से यह साफ हो गया है कि यह वारदात किसी तात्कालिक विवाद का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसे एक सुनियोजित और प्री-प्लान्ड साजिश (पहले से रची गई साजिश) के तहत अंजाम दिया गया था. मुख्य आरोपी ने कबूल किया है कि वारदात को अंजाम देने के इरादे से उसने घटना से पहले ही अपनी गाड़ी में चापड़ (धारदार हथियार) और अन्य जानलेवा हथियार छिपाकर रख लिए थे

SIT की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि वारदात के बाद खुद को कानून की पकड़ से बचाने के लिए आरोपियों ने अत्यधिक चालाकी का इस्तेमाल किया था. मुख्य आरोपी बोदरा जंगलों में छिपा रहा और लगातार पुलिस को चकमा देने के लिए फर्जी और नए सिम कार्ड का इस्तेमाल करता रहा. केवल शूटर ही नहीं, बल्कि जांच के घेरे में आए बार संचालक नीरज सिंह ने भी घटना के तुरंत बाद अपना पुराना मोबाइल नंबर बदल दिया था और नए नंबर के जरिए अपने नेटवर्क के लोगों के साथ संपर्क में बना हुआ था. इस बीच, फरारी काट रहे एक अन्य प्रमुख आरोपी राहुल दुबे के बारे में पता चला है कि वह पहले पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और फिर बिहार के मुजफ्फरपुर में शरण लिए हुए था

इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने और साजिश के मुख्य सरगनाओं (masterminds) का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस अब पूरी तरह से डिजिटल फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों पर निर्भर है. एसआईटी की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों और बार संचालक के नए व पुराने मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन और व्हाट्सएप चैट हिस्ट्री का गहन विश्लेषण कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और इन डिजिटल साक्ष्यों के मिलान से कड़ियों को जोड़ा जा रहा है, जिससे जल्द ही इस हत्याकांड के पीछे छिपे वास्तविक मकसद और इसमें शामिल अन्य सफेदपोश चेहरों का पूरी तरह से खुलासा हो जाएगा