September 6, 2026

Congress to raise the issue of ‘donation theft : संसद के मानसून सत्र में ‘चंदा चोरी’ का मुद्दा उठाएगी कांग्रेस, सोनिया-राहुल-खड़गे की बैठक में बनी रणनीति।

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सर्च न्यूज: सच के साथ: कांग्रेस पार्टी संसद के आगामी मानसून सत्र में अयोध्या राम मंदिर निर्माण में कथित ‘चंदा चोरी’ और ‘आस्था से धोखे’ के मुद्दे को पूरी आक्रामकता के साथ उठाने जा रही है। संसद सत्र की शुरुआत से पहले नई दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ रणनीतिकार शामिल हुए, जिसमें केंद्र की मोदी सरकार को विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर घेरने का एक विस्तृत मेगा प्लान तैयार किया गया

बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आधिकारिक तौर पर एलान किया कि पार्टी इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में आवाज बुलंद करेगी। कांग्रेस ने मांग की है कि राम मंदिर के चंदे में हुई इस कथित वित्तीय अनियमितता और चोरी की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही विपक्ष ने यह भी मांग रखी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खुद संसद के सामने आकर देश को जवाब देना चाहिए।राम मंदिर चंदे के अलावा, विपक्ष ने इस मानसून सत्र में सरकार के कई अन्य महत्वपूर्ण विधायी कदमों का भी कड़ा विरोध करने का फैसला किया है। कांग्रेस ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (एक देश, एक चुनाव) की नीति और केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे परिसीमन विधेयक का पूरी ताकत से विरोध करेगी। पार्टी नेताओं का आरोप है कि महिला आरक्षण की आड़ में सरकार एक खतरनाक और असंवैधानिक परिसीमन विधेयक थोपने का प्रयास कर रही है, जिसे वे किसी भी हाल में संसद में पारित नहीं होने देंगे

रणनीतिक बैठक में देश के आम नागरिकों से जुड़े अन्य गंभीर आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। चंदा चोरी के अलावा कांग्रेस देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट में किए जा रहे बदलाव और हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था में आई कमियों पर भी सरकार से तीखे सवाल पूछेगी। कुल मिलाकर, सोनिया-राहुल-खड़गे की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि आगामी संसद सत्र बेहद हंगामेदार रहने वाला है