September 6, 2026

CJP calls off September 5 ‘Delhi March’: CJP ने वापस लिया 5 सितंबर का ‘दिल्ली मार्च’, केंद्र के आश्वासन के बाद सुप्रीम कोर्ट में बड़ा फैसला

Screenshot_20260901_152155_ChatGPT

नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026: 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित CJP (Cockroach Janata Party) के मार्च को अब वापस ले लिया गया है। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की दिशा में उठाए गए कदमों और सरकार के सकारात्मक आश्वासन के बाद संगठन ने मार्च का आह्वान वापस लेने का फैसला किया है।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने CJP की ओर से मार्च वापस लेने की जानकारी दी गई। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि केंद्र, दिल्ली पुलिस और बिहार, असम, पश्चिम बंगाल तथा महाराष्ट्र सरकारों की ओर से छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मामलों की FIR वापस लेने के लिए आवेदन दायर किए गए हैं।

केंद्र ने दिया महत्वपूर्ण आश्वासन

केंद्र ने अदालत को यह भी बताया कि 20 से 25 जुलाई के छात्र विरोध प्रदर्शनों से संबंधित घटनाओं को लेकर भविष्य में नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। हालांकि गंभीर अपराधों में पहले से नामजद व्यक्तियों से जुड़े मामलों को लेकर अलग कानूनी स्थिति बनी रहेगी।

पहले 5 सितंबर को होना था मार्च

CJP ने 24 अगस्त को घोषणा की थी कि वह 5 सितंबर को इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेगी। संगठन का आरोप था कि जुलाई में आंदोलन समाप्त कराने के दौरान केंद्र सरकार की ओर से किए गए आश्वासनों को लागू करने में देरी की जा रही है। प्रस्तावित मार्च में NEET से जुड़े विवाद और जुलाई के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के शामिल होने की बात कही गई थी।

एक दिन पहले SC ने रोक लगाने से किया था इनकार

गौरतलब है कि 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर तत्काल रोक लगाने से इनकार किया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसी कोई ठोस वजह नहीं है जिससे यह माना जाए कि मार्च के दौरान अप्रिय घटना होगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार तथा संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी है

केंद्र के ताजा आश्वासन के बाद CJP ने अपना 5 सितंबर का मार्च वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी दोनों पक्षों के सकारात्मक रुख का स्वागत किया और संकेत दिया कि आपसी विश्वास और बातचीत के जरिए विवादों का समाधान निकाला जा सकता है।