September 5, 2026

Bihar to set up 5 member panel to tackle paper leak and reform exams: बिहार में परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, पेपर लीक रोकने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी

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सर्च न्यूज: सच के साथ: बिहार सरकार ने राज्य की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए पांच सदस्यीय विशेष समिति गठित करने की अधिसूचना जारी की है। समिति का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, नकल और परीक्षा में होने वाली अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाना तथा परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाना है।

जज की अध्यक्षता में होगी समिति: समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या हाईकोर्ट के सेवारत/सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। समिति को गठन के बाद तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपनी होंगी।

किन परीक्षाओं की होगी समीक्षा?

कमेटी के दायरे में बिहार की विभिन्न परीक्षाएं शामिल होंगी, जिनमें—बोर्ड की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाएं

विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा की परीक्षाएं

प्रोफेशनल और तकनीकी परीक्षाएं

प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाएंभर्ती और प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं

पेपर लीक और नकल पर फोकस: समिति प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा केंद्रों पर नकल व कदाचार, उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ और परिणामों में अनधिकृत हस्तक्षेप रोकने के उपाय सुझाएगी। साथ ही प्रश्नपत्र की सुरक्षा, मूल्यांकन और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध और पारदर्शी बनाने पर भी जोर रहेगा।

तकनीक का होगा इस्तेमाल: परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की भी समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, CCTV निगरानी और प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित ट्रैकिंग को मजबूत करने की सिफारिश की जा सकती है।

छात्रों को क्या फायदा?: इस पहल का उद्देश्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है जिसमें छात्रों को पेपर लीक या कदाचार के कारण परीक्षा दोबारा देने जैसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। समिति ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और डिजिटल सुविधाओं तक सीमित पहुंच रखने वाले विद्यार्थियों के हितों को भी ध्यान में रखेगी।