September 5, 2026

Lalu family gets interim relief: IRCTC घोटाला केस में लालू परिवार को मिली अंतरिम राहत,9 जून तक टली कोर्ट की कार्रवाई

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सर्च न्यूज: सच के साथ: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 22 मई 2026 को IRCTC घोटाला मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना फैसला 9 जून तक के लिए टाल दिया है। इस देरी से आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, और उनके बेटों तेजस्वी और तेज प्रताप यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों को फिलहाल कानूनी राहत मिली है

यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि रांची और पुरी में IRCTC के दो होटलों के रखरखाव का ठेका एक निजी कंपनी को देने में अनियमितताएं बरती गईं। आरोप के मुताबिक, इन होटलों के पट्टे के बदले में लालू यादव के परिवार से जुड़ी एक बेनामी कंपनी को पटना में करीब तीन एकड़ की कीमती जमीन हस्तांतरित की गई थी।अदालत ने आरोप तय करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है और अब सभी की निगाहें 9 जून को आने वाले अंतिम आदेश पर टिकी हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और ED का दावा है कि उनके पास इस घोटाले से जुड़े पर्याप्त और पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जबकि लालू परिवार इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताकर खारिज करता रहा है।

इस मामले में लालू यादव के अलावा राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव को भी मुख्य रूप से नामजद किया गया है। चूंकि यह मामला काफी समय से लंबित है और इसमें कई जांचें एक साथ जुड़ी हुई हैं, इसलिए यह कानूनी रूप से जटिल और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है, जिसका असर बिहार की राजनीति पर भी पड़ रहा है।

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