12 जुलाई से इतिहास रचेगा भारत का निजी रॉकेट!
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र एक नई उड़ान भरने के लिए तैयार है। हैदराबाद स्थित निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने घोषणा की है कि उसके पहले ऑर्बिटल-श्रेणी के रॉकेट विक्रम-1 का पहला परीक्षण मिशन ‘मिशन आगमन’ 12 जुलाई से 4 अगस्त के बीच लॉन्च किया जाएगा। यह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से होगा और मौसम, सुरक्षा तथा तकनीकी तैयारियों के आधार पर अंतिम लॉन्च तिथि तय की जाएगी।
करीब सात मंजिला ऊंचाई वाला विक्रम-1 अत्याधुनिक ऑल-कार्बन कॉम्पोजिट संरचना से तैयार किया गया है। इसमें स्वदेशी तकनीक से विकसित प्रणोदन प्रणाली, 3डी-प्रिंटेड इंजन और उच्च क्षमता वाले सॉलिड-फ्यूल बूस्टर लगाए गए हैं। यह रॉकेट 350 किलोग्राम तक के छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में लगभग 450 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचाने में सक्षम होगा। इस मिशन के दौरान रॉकेट के इंजन, स्टेज सेपरेशन, नेविगेशन, गाइडेंस और संपूर्ण प्रदर्शन से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा एकत्र किया जाएगा।
स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और सीईओ पवन कुमार चंदाना ने कहा कि मिशन आगमन का सबसे बड़ा उद्देश्य वास्तविक उड़ान के दौरान रॉकेट के हर सिस्टम के प्रदर्शन को समझना है। उनके अनुसार, जैसे ही विक्रम-1 उड़ान भरेगा, भारत का निजी अंतरिक्ष उद्योग एक ऐसे मुकाम पर पहुंच जाएगा, जिसे पहले कभी हासिल नहीं किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिशन भारत को वैश्विक वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में और अधिक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
