September 5, 2026

Zero coal leakage:कोयला माफिया पर बरसी CISF: धनबाद से रांची तक छापेमारी, 3 हफ्तों में 1 करोड़ का कोयला जब्त और 84 गाड़ियां सीज

Screenshot_20260719_211643_Instagram

सर्च न्यूज: सच के साथ: गृह मंत्रालय के ‘Zero Coal Leakage’ अभियान के तहत केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने कोयला माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और आक्रामक कार्रवाई शुरू की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद, सीआईएसएफ ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया है। इस विशेष मुहिम का मुख्य उद्देश्य अवैध खनन, कोयला चोरी और उसके अवैध परिवहन के पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म करना है।

धनबाद, रांची और शीतलपुर जैसे प्रमुख कोयला उत्पादक और संवेदनशील क्षेत्रों में पिछले तीन हफ्तों से चल रहे इस विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान सीआईएसएफ की टीमों ने कुल 1,798 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.08 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही, तस्करों के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को तोड़ते हुए कोयले की हेराफेरी में इस्तेमाल होने वाले 84 वाहनों को भी सीज किया गया है।कोयला तस्करी के इस पूरे सिंडिकेट के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने के लिए खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) के तहत सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के तहत अब तक 21 डायरेक्ट कंप्लेंट (आपराधिक मामले) दर्ज की जा चुकी हैं। एमएमडीआर एक्ट की धाराओं के तहत मिले नए और विशेष अधिकारों के बाद सीआईएसएफ अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संदिग्ध परिसरों में प्रवेश करने, तलाशी लेने, जब्ती करने और सीधे अदालत में केस दर्ज कराने में भी सक्षम हो गई है, जिससे माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

You may have missed