November 4, 2026

Worker’s Son to Develop Indigenous Drone for Indian Army; Defence Ministry Grants ₹3.5 Crore. मजदूर के बेटे का कमाल: सेना के लिए बनेगा स्वदेशी ड्रोन, रक्षा मंत्रालय ने दिए ₹3.5 करोड़

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सर्च न्यूज: सच के साथ: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। बहनवीं गांव के रहने वाले सर्वेश ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर भारतीय सेना के लिए स्वदेशी ड्रोन बनाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद सर्वेश ने तकनीकी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वेश हिमाचल के पॉलिटेक्निक कॉलेज में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं। पढ़ाई के दौरान उन्होंने ड्रोन तकनीक में रुचि विकसित की और इसी क्षेत्र में काम करने का फैसला किया। उनके प्रोजेक्ट को रक्षा मंत्रालय की ओर से ₹3.5 करोड़ की वित्तीय सहायता मिली है।

इस परियोजना का उद्देश्य भारतीय सेना के लिए स्वदेशी ड्रोन तैयार करना है, जिससे रक्षा क्षेत्र में देश की तकनीकी क्षमता को बढ़ावा मिल सके। स्वदेशी तकनीक पर आधारित ऐसे उपकरणों से भविष्य में रक्षा जरूरतों के लिए घरेलू स्तर पर समाधान विकसित करने में मदद मिल सकती है।

सर्वेश की कहानी उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे से भारतीय सेना के लिए तकनीक विकसित करने तक का उनका सफर मेहनत, शिक्षा और प्रतिभा की मिसाल के तौर पर सामने आया है।

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