No UPI Day on 2nd October:2 अक्टूबर को व्यापारी मनाएंगे ‘No UPI Day’, QR कोड काले कपड़े से ढककर MDR का करेंगे विरोध
सर्च न्यूज: सच के साथ: 24 सितंबर 2026:₹2,000 से अधिक के पात्र UPI मर्चेंट लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) के विरोध में विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्टूबर 2026 को ‘No UPI Day’ मनाने का आह्वान किया है। इस दौरान विरोध में शामिल व्यापारी दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लगे UPI QR कोड, स्कैनर, साउंड बॉक्स और अन्य भुगतान उपकरणों को काले कपड़े से ढककर अपना विरोध दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं।
व्यापारी संगठनों की आपत्ति: विरोध कर रहे व्यापारिक संगठनों का कहना है कि UPI ने लंबे समय से व्यापारियों को कम लागत वाला डिजिटल भुगतान माध्यम उपलब्ध कराया है। उनका तर्क है कि बड़े मूल्य के लेनदेन पर MDR लागू होने से व्यापारियों की भुगतान लागत बढ़ सकती है, खासकर उन कारोबारों में जहां लाभ का मार्जिन सीमित है।इसी मुद्दे को लेकर व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्टूबर को प्रतीकात्मक विरोध का निर्णय लिया है। MACCIA सहित कई व्यापारिक संगठनों ने इस अभियान में भाग लेने की घोषणा की है।
UPI सिस्टम बंद नहीं होगा: ‘No UPI Day’ को लेकर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 2 अक्टूबर को देश का UPI नेटवर्क बंद नहीं किया जा रहा है। यह व्यापारिक संगठनों द्वारा प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम है। इसमें भाग लेने वाले व्यापारी UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने तथा QR कोड और भुगतान उपकरणों को ढकने का निर्णय ले सकते हैं।
ग्राहकों से सीधे MDR वसूलने का प्रावधान नहीं: प्रस्तावित MDR मर्चेंट-पक्ष से संबंधित शुल्क है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बैंक और UPI प्रदाता इस शुल्क को सीधे ग्राहकों पर डाल नहीं सकते। व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI भुगतान भी इस मर्चेंट MDR व्यवस्था का हिस्सा नहीं है। छोटे व्यापारियों के लिए भी अलग छूट/सुरक्षा प्रावधान रखे गए हैं।
2 अक्टूबर पर रहेगी व्यापार जगत की नजर: 2 अक्टूबर का ‘No UPI Day’ डिजिटल भुगतान व्यवस्था की लागत को लेकर व्यापारिक संगठनों और भुगतान तंत्र के बीच चल रही बहस को सामने लाएगा। जहां व्यापारिक संगठन MDR को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं, वहीं शुल्क व्यवस्था के समर्थकों का तर्क है कि इससे UPI के बुनियादी ढांचे, साइबर सुरक्षा और सेवा व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।
