November 5, 2026

Widespread uproar across the country:देशभर में पेपर लीक के खिलाफ भारी बवाल: बिहार में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, हरियाणा में भी भारी तनावदेशभर में पेपर लीक के खिलाफ भारी बवाल: बिहार में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, हरियाणा में भी भारी तनाव

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सर्च न्यूज: सच के साथ: देशभर में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक तथा परीक्षा प्रणालियों में कथित धांधली को लेकर छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों का आक्रोश चरम पर है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर की गई पुलिसिया कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में आंदोलन की यह आंच बिहार तक पहुंच चुकी है। इसी कड़ी में गुरुवार को बिहार के कटिहार जिले में सैकड़ों की संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए। छात्र हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग करते हुए समाहरणालय (कलेक्ट्रेट ऑफिस) का घेराव करने पहुंचे थे।

शुरुआत में शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा यह विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर जबरन प्रवेश करने के लिए मुख्य गेट को तोड़ने का प्रयास किया। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर गेट बंद किए जाने के बाद पुलिस और उग्र छात्रों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। बिगड़ते हालात और बेकाबू होती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई। इसके जवाब में उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर भारी संख्या में ईंट-पत्थर और रोड़े बरसाने शुरू कर दिए, जिससे पूरा परिसर कुरुक्षेत्र में तब्दील हो गया और कलेक्ट्रेट के सीओ (अंचल अधिकारी) सोनू भगत सहित कुछ पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

बिहार के अलावा इस राष्ट्रीय आंदोलन का असर देश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। हरियाणा के गुरुग्राम में पेपर लीक और प्रशासनिक विफलता के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिला उपायुक्त (डीसी) कार्यालय में घुसने की कोशिश के दौरान पुलिस के साथ जोरदार धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। वहीं बिहार के ही बेगूसराय, पटना, मुंगेर, नालंदा और शेखपुरा जैसे जिलों में भी छात्र सड़कों पर उतरकर लगातार परीक्षा धांधली के खिलाफ अपना रोष प्रकट कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखना सभी का अधिकार है, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध गतिविधियों में शामिल होने वाले उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा; इस मामले में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और अन्यों की पहचान की जा रही है