November 3, 2026

विमल इलायची विज्ञापन विवाद में अजय देवगन पहुंचे हाई कोर्ट

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सर्च न्यूज: सच के साथ: मुंबई, 30 अक्टूबर 2026। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है। यह मामला कथित तौर पर विमल इलायची के विज्ञापन के जरिए विमल पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार से जुड़ा है। अजय देवगन की याचिका के बाद यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।


महाराष्ट्र FDA ने इससे पहले अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किए थे। विभाग का आरोप है कि विमल इलायची के विज्ञापन की प्रस्तुति और ब्रांड की पहचान के कारण प्रतिबंधित पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार हो सकता है। FDA ने विज्ञापन में शामिल कलाकारों से इस संबंध में जवाब और उत्पाद से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में अंतिम न्यायिक निर्णय आना बाकी है।


रिपोर्टों के अनुसार, अजय देवगन ने अपनी याचिका में नोटिस जारी करने की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका पक्ष है कि उत्पाद और उसके विज्ञापन से संबंधित जिम्मेदारी मुख्य रूप से निर्माता कंपनी की होनी चाहिए। इस मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ के समक्ष 4 नवंबर को होने की संभावना बताई गई है।


इस विवाद में इससे पहले विमल इलायची की मास्टर लाइसेंसधारी कंपनी पीबी एग्रो एलएलपी ने भी दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। 14 सितंबर को अदालत ने क्षेत्राधिकार के आधार पर कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी और स्पष्ट किया था कि उसने विज्ञापन के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दी है। अब अजय देवगन की याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई से मामले की अगली कानूनी दिशा स्पष्ट हो सकती है।

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