विजयादशमी 2026: बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश
सर्च न्यूज: सच के साथ: विजयादशमी, 21 अक्टूबर 2026। भारत में आज विजयादशमी का पर्व श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर माता सीता को उसके बंधन से मुक्त कराया था। इसीलिए दशहरे को अन्याय और अहंकार के अंत तथा सत्य की विजय के रूप में देखा जाता है।विजयादशमी का संबंध मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से भी जुड़ा हुआ है।
यह पर्व संदेश देता है कि मनुष्य को अपने भीतर मौजूद बुराइयों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास करना चाहिए। सच्ची विजय केवल किसी शत्रु पर जीत हासिल करना नहीं, बल्कि अपने विचारों, व्यवहार और कर्मों को बेहतर बनाना भी है।
आज के समय में विजयादशमी का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। समाज में बढ़ती नफरत, हिंसा, भ्रष्टाचार और असहिष्णुता के बीच यह पर्व सत्य, सद्भाव, नैतिकता और मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। दशहरा हमें याद दिलाता है कि अहंकार और अन्याय चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। आइए, इस विजयादशमी पर हम अपने भीतर की बुराइयों को त्यागने, दूसरों के प्रति सम्मान रखने और एक बेहतर समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लें।
