Tata Workers Union: टाटा वर्कर्स यूनियन के 27 कर्मचारियों का वेतन समझौता 20 महीने से अटका, प्रबंधन पर सवाल
सर्च न्यूज: सच के साथ: टाटा वर्कर्स यूनियन के अपने खुद के 27 कर्मचारियों का वेतन समझौता पिछले 20 महीनों से लंबित है। यह स्थिति तब बनी हुई है जब यूनियन ने टाटा स्टील के लगभग 10,000 मुख्य कर्मचारियों का ऐतिहासिक 7-वर्षीय वेतन समझौता जून 2026 में ही सफलतापूर्वक पूरा करा दिया था। अपने ही कर्मचारियों के मामले को लटकाए रखने के कारण अब यूनियन प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
यूनियन के इस दोहरे मापदंड को लेकर अब कमेटी सदस्यों और श्रमिक गुटों ने प्रबंधन और शीर्ष नेतृत्व को घेरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जहां एक तरफ टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और टीएसडीपीएल (TSDPL) जैसी अनुषंगी कंपनियों के हजारों कर्मचारियों का वेतन समझौता समय रहते या थोड़ी देरी के बाद करा दिया गया, वहीं महज 27 लोगों के स्टाफ का मामला 20 महीने से सुलझाया नहीं जा सका है। इस प्रशासनिक विफलता को लेकर यूनियन के अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों की सौदेबाजी की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं
बढ़ते दबाव और विवाद के बीच, प्रभावित कर्मचारी अब यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों से इस संकट के जल्द से जल्द निवारण की उम्मीद कर रहे हैं। यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी (Sanjeev Kumar Choudhary) ने इस मामले पर संज्ञान लिया है और आश्वासन दिया है कि प्रबंधन और वित्त समिति के साथ मिलकर इस लंबित वेतन समझौते को सकारात्मक रूप से बहुत जल्द सुलझा लिया जाएगा। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उन्हें भी महंगाई के अनुपात में उचित वेतन वृद्धि, संशोधित भत्ते और बकाया अवधि का एरियर (Arrears) तुरंत दिया जाए।
