Sona Devi University:सोना देवी विश्वविद्यालय और अनुदीप फाउंडेशन के बीच समझौता, विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल विकास, प्रशिक्षण एवं रोजगार के बेहतर अवसर
सर्च न्यूज: सच के साथ: घाटशिला, 4 अगस्त 2026 सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला एवं अनुदीप फाउंडेशन फॉर सोशल वेलफेयर, कोलकाता के बीच विद्यार्थियों को कौशल विकास, रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और रोजगार के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने की दिशा में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण पहल है।इस समझौते का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान समय की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, डिजिटल कौशल, संचार कौशल, व्यवहारिक दक्षता तथा अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण, कार्यशाला, व्यावहारिक अध्ययन, इंटर्नशिप, रोजगार सहायता एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने कहासोना देवी विश्वविद्यालय की सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास भी बहुत जरूरी है। रोजगार के क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को नई तकनीक, डिजिटल ज्ञान, संचार कौशल तथा व्यावहारिक कार्यक्षमता से परिचित होना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि अनुदीप फाउंडेशन के साथ हुआ यह समझौता विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार नए कौशल सीखने तथा उन्हें व्यवहार में लागू करने का अवसर मिलेगा।
श्रीमती अर्चना सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ऐसा वातावरण मिले, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने करियर की दिशा तय कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण एवं कौशल विकास से जुड़े सभी अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए निरंतर सीखते रहें।
कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहासोना देवी विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। वर्तमान समय में शिक्षा के साथ कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान एवं रोजगार के लिए आवश्यक दक्षताओं से भी परिचित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अनुदीप फाउंडेशन के साथ यह समझौता विद्यार्थियों को शिक्षा से रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं क्षमता को पहचानने तथा उसे विकसित करने का बेहतर अवसर मिलेगा।कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक विद्यार्थी इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ेंh और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहासोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उपाधि प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें कुशल, आत्मनिर्भर एवं रोजगार के योग्य बनाना भी है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और कौशल का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर विकसित करना चाहिए। अनुदीप फाउंडेशन के साथ यह समझौता विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कुलपति ने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों कोb प्रशिक्षण, व्यावहारिक अनुभव तथा रोजगार से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इन अवसरों का भरपूर लाभ उठाएं और अपने भविष्य के निर्माण के लिए पूरी लगन एवं मेहनत के साथ आगे बढ़ें।
कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। ज्ञान के साथ कौशल, अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति सफलता की वास्तविक आधारशिला है।उन्होंने कहा कि आज रोजगार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है और नई-नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को अपनी क्षमता को पहचानते हुए नए कौशल सीखने और स्वयं को समय के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता है।कुलाधिपति ने विद्यार्थियों से कहा कि वे प्रशिक्षण के प्रत्येक अवसर को गंभीरता से लें और अपने ज्ञान एवं कौशल का विकास करें। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के बाद केवल रोजगार की तलाश करने वाले न बनें, बल्कि रोजगार के योग्य एवं आत्मनिर्भर युवा बनें।श्री प्रभाकर सिंह ने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय और अनुदीप फाउंडेशन के बीच हुआ यह समझौता युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इससे विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने और समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का अवसर मिलेगा।शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी होगी कमइस समझौते से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, व्यवहारिक ज्ञान, संचार क्षमता और आत्मविश्वास का विकास किया जाएगा।विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के सहयोग से शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच की दूरी कम होगी तथा विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायता मिलेगी।यह समझौता 4 अगस्त 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा।इस अवसर पर विभागाध्यक्ष श्रीमती मोनिका सिंह, प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती पूजा तिवारी, श्री संजीव कुमार, रीजनल मैनेजर, श्री राजू मिश्रा, सीनियर मैनेजर-प्लेसमेंट तथा भावेश कांति, क्लस्टर मैनेजर सहित विश्वविद्यालय एवं अनुदीप फाउंडेशन के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।सोना देवी विश्वविद्यालय ने आशा व्यक्त की कि इस पहल से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा एवं महिलाएं लाभान्वित होंगे। यह पहल विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य, आत्मनिर्भरता और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ-साथ विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।
