September 4, 2026

संसद से बड़ी खबर: ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज अमेंडमेंट बिल 2026’ को मिली मंजूरी, विदेशी निवेश और डिजिटल भुगतान से जुड़े नियमों में बदलाव

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सर्च न्यूज: सच के साथ: संसद ने ‘Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026’ को मंजूरी दे दी है। राज्यसभा में चर्चा के बाद विधेयक को लोकसभा को वापस भेजा गया, जहां पहले ही इसे पारित किया जा चुका था। यह विधेयक भारत की कर व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव करता है और इसका उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देने, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने तथा कर नियमों में अधिक स्पष्टता लाना है।

विधेयक में विदेशी निवेश से जुड़े कर नियमों में बदलाव का प्रावधान है। इसके जरिए भारत को वैश्विक निवेश और फंड मैनेजमेंट के लिए अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश की गई है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कर प्रोत्साहनों से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए कर व्यवस्था को अधिक स्थिर और अनुकूल बनाना है। इस कानून में डिजिटल भुगतान, जिसमें UPI से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं, के संबंध में कर और नियामकीय ढांचे में बदलाव का रास्ता बनाया गया है। इसके अलावा REITs और InvITs से जुड़े कर प्रावधानों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए प्रावधानों के तहत कुछ परिस्थितियों में REIT/InvIT से जुड़े SPV से मिलने वाले लाभांश पर निवेशकों को कर राहत मिल सकती है, जबकि ट्रस्ट से जुड़ी कंपनियों के लिए कर व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

विधेयक में रफ डायमंड ट्रेड को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कर प्रोत्साहन का प्रावधान है। विशेष रूप से अधिसूचित क्षेत्रों के माध्यम से रफ डायमंड कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों को लंबी अवधि की आयकर छूट देने का प्रावधान भारत को अंतरराष्ट्रीय डायमंड ट्रेडिंग हब के रूप में मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, यह विधेयक निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट और डायमंड कारोबार जैसे कई क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले कर सुधारों का महत्वपूर्ण पैकेज है। सरकार इसे आर्थिक गतिविधियों और निवेश को गति देने वाली पहल के रूप में देख रही है।

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