Shilpa Rao wins National Award: सुर्खियों में सुरों की मल्लिका: जमशेदपुर की बेटी शिल्पा राव ने जीता नेशनल अवार्ड, रिजेक्शन से नेशनल विनर बनने का प्रेरणादायक सफर
सर्च न्यूज: सच के साथ: कभी जिस आवाज़ को शुरुआती दौर में रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था, आज उसी आवाज़ ने पूरे देश का दिल जीतकर भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च संगीत सम्मान अपने नाम कर लिया है। बॉलीवुड की मशहूर पार्श्व गायिका शिल्पा राव को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (71st National Film Awards) के तहत ‘बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर’ (सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका) के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिल्पा राव को यह राष्ट्रीय सम्मान फिल्म जवान के ब्लॉकबस्टर रोमांटिक गाने “चलेया” के लिए दिया गया है।
“चलेया” गाने ने बिखेरा जादू: शाहरुख खान स्टारर फिल्म जवान का गाना “चलेया” रिलीज होते ही देश-विदेश में एक बड़ा चार्टबस्टर साबित हुआ था। संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर के निर्देशन और अरिजीत सिंह के साथ शिल्पा राव की जुगलबंदी ने इस गाने में जो जादुई गहराई और रुमानियत भरी, उसने इसे हर आयु वर्ग के श्रोताओं का पसंदीदा बना दिया। राष्ट्रीय पुरस्कार जूरी ने शिल्पा राव की उत्कृष्ट गायकी और सुरों की परिपक्वता को सराहते हुए उन्हें इस वर्ष का विजेता चुना।
जीत को गृह राज्य झारखंड और जमशेदपुर को किया समर्पित: पुरस्कार ग्रहण करने के बाद भावुक शिल्पा राव ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय अपने गृह राज्य और शहर को दिया। उन्होंने कहा, “यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं है, बल्कि यह मेरे शहर जमशेदपुर और पूरे झारखंड का है, जिसने मुझे संवारा, आगे बढ़ने की ताकत दी और मेरे सपनों को उड़ान दी।”शिल्पा ने आगे कहा कि सफलता किसी एक या दो गानों से नहीं, बल्कि हर दिन की जाने वाली कड़ी मेहनत से मिलती है। पुरस्कार समारोह के दौरान शिल्पा ट्रेडिशनल ब्लैक बंदगला आउटफिट में नजर आईं, जो उनकी सादगी और गरिमा को दर्शा रहा था।
शानदार करियर और अनगिनत हिट्स: यह नेशनल अवार्ड शिल्पा के शानदार संगीत सफर में एक और सुनहरी उपलब्धि है। इससे पहले वे फिल्म वार के गाने “घुँघरू” और पठान के गाने “बेशरम रंग” के लिए प्रतिष्ठित फिल्मफेयर अवार्ड्स भी जीत चुकी हैं। “खुदा जाने” (बचना ऐ हसीनो), “मुडी मुडी इत्तेफाक से” (पा), “बुलैया” (ऐ दिल है मुश्किल) और “तेरे हवाले” (लाल सिंह चड्ढा) जैसे सदाबहार गानों से उन्होंने संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया है।शिल्पा राव की इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय जीत से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा झारखंड और जमशेदपुर शहर गर्व से सराबोर है। स्थानीय कलाकारों और युवाओं के लिए उनका यह सफर एक महान प्रेरणा बन गया है।
