सर्च न्यूज: सच के साथ: सरायकेला-खरसावां | चांडिल:सावन माह के पावन अवसर पर चांडिल स्थित प्रसिद्ध जयदा मंदिर परिसर में पहली बार वाराणसी की तर्ज पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और दीपों की जगमगाहट ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।
विशेष रूप से प्रशिक्षित आचार्यों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से बहुस्तरीय दीपों के साथ गंगा आरती संपन्न कराई गई। आरती के दौरान श्रद्धालु “हर-हर महादेव” और “गंगा मैया की जय” के जयघोष लगाते रहे। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक सजावट से सजाया गया था, जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई।आयोजकों ने बताया कि चांडिल में इस प्रकार की भव्य गंगा आरती पहली बार आयोजित की गई है, जिसका उद्देश्य सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया।श्रद्धालुओं का कहना था कि वाराणसी जैसी दिव्य गंगा आरती का अनुभव अपने ही क्षेत्र में मिलना उनके लिए अत्यंत सुखद और अविस्मरणीय रहा। आयोजन के सफल संचालन में स्थानीय प्रशासन, मंदिर समिति और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में भी इस भव्य गंगा आरती का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, जिससे चांडिल धार्मिक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में भी विकसित हो सके।