November 5, 2026

“फर्जी हस्ताक्षर” विवाद में फंसे अभिषेक बनर्जी, CID का समन बना बंगाल की राजनीति का नया तूफान

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को CID ने “फर्जी हस्ताक्षर” मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा है। इस घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति को और गर्म कर दिया है।

दरअसल मामला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के समर्थन पत्र से जुड़ा है। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से जो समर्थन पत्र विधानसभा सचिवालय को सौंपा गया था, उसमें कुछ विधायकों के हस्ताक्षर रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। इसी के बाद मामला पुलिस और CID की जांच तक पहुंच गया।

शनिवार दोपहर CID की टीम कोलकाता के कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची। पहले अधिकारियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा क्योंकि अभिषेक वहां मौजूद नहीं थे। बाद में उन्हें दूसरे आवास पर जाकर व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपा गया। पूरे घटनाक्रम ने इलाके में भारी हलचल पैदा कर दी और मीडिया कैमरे भी मौके पर जुट गए।

समन मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह कानून का सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। हालांकि उन्होंने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया। उन्होंने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव के बाद विपक्ष की आवाज दबाने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं बीजेपी का आरोप है कि अगर सब कुछ सही है तो जांच से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

अब सबकी नजर सोमवार पर टिकी है, जब अभिषेक बनर्जी से CID पूछताछ कर सकती है। सवाल सिर्फ एक नेता पर नहीं, बल्कि बंगाल की बदलती राजनीति और सत्ता संघर्ष पर भी खड़े हो रहे हैं।

क्या यह सिर्फ कानूनी जांच है या फिर बंगाल में शुरू हो चुकी नई राजनीतिक लड़ाई? आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई दे सकता है।