Noel Tata prepares for court battle: टाटा संस में छिड़ा घमासान: एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगा टाटा ट्रस्ट्स
सर्च न्यूज: सच के साथ: टाटा समूह के भीतर एक बड़ा कॉर्पोरेट विवाद सामने आया है। टाटा संस में 66 प्रतिशत की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाला टाटा ट्रस्ट्स, एन चंद्रशेखरन को फिर से कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने के प्रस्ताव को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी में है। टाटा संस के बोर्ड ने चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होने के बाद उन्हें अगले पांच साल के लिए एक और सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव पारित किया था, जिसे अब कानूनी चुनौती दी जा रही है।
चूंकि नोएल टाटा ने इसके विरोध में मतदान किया था, इसलिए ट्रस्ट्स इस नियुक्ति को पूरी तरह से अवैध और अमान्य मान रहा है।इस कानूनी लड़ाई में अब देश के दिग्गज वकीलों की भी एंट्री हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि वह टाटा विवाद में ट्रस्ट की ओर से नेतृत्व करने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। सिंघवी का कहना है कि शेयरधारक मालिकों के मौलिक अधिकारों को इस तरह से खत्म नहीं किया जा सकता और यह कदम कॉर्पोरेट गवर्नेंस के सिद्धांतों के खिलाफ है। आने वाले दिनों में यह कानूनी लड़ाई भारत की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट जंग का रूप ले सकती है।
