सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर की लोहिया स्पोर्ट्स सनसनी स्नेहा कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत और अपने शहर का नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया है। पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने के बावजूद, स्नेहा ने अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए किर्गिस्तान में आयोजित विश्व स्ट्रेंथलिफ्टिंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक (2 Gold Medals) अपने नाम किए। उनकी इस बेमिसाल और ऐतिहासिक कामयाबी के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘वर्ल्ड्स स्ट्रॉंगेस्ट वुमन’ (World’s Strongest Woman) के खिताब से भी नवाजा गया है।
इस चैंपियनशिप में स्नेहा की राह बिल्कुल आसान नहीं थी। प्रतियोगिता के ठीक पहले पैर में फ्रैक्चर होने की वजह से उनकी भागीदारी पर संकट मंडरा रहा था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय मैदान पर उतरने का फैसला किया। व्हीलचेयर और बैसाखियों के सहारे अभ्यास करने से लेकर पोडियम पर तिरंगा लहराने तक का उनका यह सफर हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अपनी शारीरिक पीड़ा को अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया और दुनिया के दिग्गज एथलीटों को पछाड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।मूल रूप से जमशेदपुर के मैंगो क्षेत्र की रहने वाली स्नेहा न केवल खेल के मैदान में बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी अव्वल हैं। वह वर्तमान में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में पीएचडी (PhD in Finance) कर रही हैं। इससे पहले साल 2017 में एक गंभीर रीढ़ की हड्डी की चोट (Spine Injury) का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। स्नेहा की इस शानदार जीत पर उनके गृह नगर जमशेदपुर और पूरे देश में खुशी की लहर है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Instagram पर लोग उनकी इस अदम्य खेल भावना को सलाम कर रहे हैं।