September 5, 2026

New Education minister Prahlad Joshi:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय: NEET विवाद के बीच सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा

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सर्च न्यूज, सच के साथ :

NEET-UG पेपर लीक विवाद और लगातार छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव किया है। 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसे राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक अब प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रह्लाद जोशी पहले से ही संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री हैं। यानी अब वो अपने मौजूदा काम के साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।*क्यों हुआ ये बदलाव?*इस फैसले की शुरुआत 3 मई 2026 को हुई थी, जब NEET-UG परीक्षा के बाद पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आए। छात्रों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और ये मामला सोशल मीडिया से निकलकर बड़ा आंदोलन बन गया। 28 जून को सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे। 20 जुलाई को CJP ने संसद तक मार्च निकाला और 22 जुलाई को राहुल गांधी ने PM आवास के बाहर प्रदर्शन किया। बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। प्रह्लाद जोशी के नाम के ऐलान के बाद CJP ने अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया।

*प्रह्लाद जोशी के सामने क्या हैं चुनौतियां?

*छात्रों का भरोसा बहाल करना*:

NEET विवाद से छात्रों में जो अविश्वास पैदा हुआ है उसे दूर करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।2. *परीक्षा प्रणाली में सुधार*: NTA और पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कानून और टेक्नोलॉजी लाना।

*NEP 2020 का क्रियान्वयन*:

विवाद के बीच नई शिक्षा नीति को सभी राज्यों में लागू करवाना।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रह्लाद जोशी के सामने सबसे कठिन काम छात्रों और विपक्ष दोनों को एक साथ साधना होगा।

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