September 5, 2026

Nepal Seeks Real-Time Data From Chinaनेपाल की तबाही के बाद चीन से मांगा रियल-टाइम डेटा |

file_00000000c2ac81fab9ca213a55f6f59c

सर्च न्यूज: सच के साथ: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चीन के साथ ग्लेशियर और बाढ़ से जुड़ी जानकारी साझा करने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। 31 अगस्त की Reuters रिपोर्ट के अनुसार, नेपाली अधिकारियों ने आपदा से करीब तीन महीने पहले ही चीन से ग्लेशियरों की गतिविधि, हिमस्खलन और संभावित खतरों से जुड़ी अधिक जानकारी मांगी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में नेपाल और चीन के अधिकारियों के बीच ग्लेशियर और ग्लेशियल झीलों से जुड़े खतरों की निगरानी पर चर्चा हुई थी। नेपाल अब चाहता है कि दोनों देशों के बीच सीमा-पार रियल-टाइम डेटा शेयरिंग बेहतर हो, ताकि भविष्य में अचानक आने वाली बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़ी आपदाओं के लिए समय रहते चेतावनी जारी की जा सके।

26 अगस्त की आपदा में ग्लेशियर के ढहने से भारी मात्रा में चट्टान, बर्फ और मलबा नदी में पहुंचा, जिसके बाद नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भीषण बाढ़ आई। इस आपदा ने दोनों देशों की मौजूदा अर्ली-वॉर्निंग व्यवस्था और आपदा सूचना तंत्र की कमियों को सामने ला दिया है।

हालांकि, इसे सीधे तौर पर यह कहना सही नहीं होगा कि चीन ने जानबूझकर नेपाल को चेतावनी नहीं दी। चीन का कहना है कि उसने संबंधित जानकारी साझा की थी और आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में भी सहयोग किया। अब नेपाल अधिक नियमित और तेज डेटा साझेदारी चाहता है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी में चेतावनी देने का समय मिल सके।

You may have missed