November 3, 2026

मल्लिकार्जुन खरगे का चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार:CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए छह आरोप

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नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में एक प्रतीकात्मक जन-महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ छह आरोपों वाला प्रस्ताव पेश किया और उन्हें पद से हटाने की मांग दोहराई। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में पारदर्शिता की कमी से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
कार्यक्रम में विपक्ष ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए और मतदाता पंजीकरण से जुड़े नियमों में ऐसे बदलाव किए गए, जिन पर संसद में पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। प्रस्ताव में मतदाता सूची के प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे डिजिटल सिस्टम, चुनाव आयुक्तों के बीच निर्णय प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाए गए। ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
जन-महाभियोग कार्यक्रम में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने अध्यक्षता की। खरगे के अलावा सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी नेता मौजूद रहे। INDIA गठबंधन ने अपने प्रस्ताव में ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष के इस कार्यक्रम की आलोचना की है और इसे संवैधानिक संस्थाओं पर राजनीतिक हमला बताया है।
इस घटनाक्रम के बीच कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने की तैयारी की है। रैली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने की योजना है। चुनाव आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बताया गया है, जबकि विपक्ष इसे लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। इस विवाद का आगे का रुख राजनीतिक बहस के साथ-साथ संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर भी निर्भर करेगा।

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