September 4, 2026

‘मैं फुंसुख वांगड़ू नहीं हूं’, बोले सोनम वांगचुक

file_0000000021d071fab12c187140c824a8

सर्च न्यूज: सच के साथ:

लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षाविद और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी भूख हड़ताल के साथ-साथ फिल्म ‘3 इडियट्स’ से जुड़ा पुराना विवाद है। वर्षों से लोग मानते रहे हैं कि आमिर खान का लोकप्रिय किरदार ‘फुंसुख वांगड़ू’ उन्हीं से प्रेरित था, लेकिन वांगचुक ने एक बार फिर साफ शब्दों में कहा है कि वह फुंसुख वांगड़ू नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में काम करने वाले सोनम वांगचुक हैं और उनकी पहचान उनके नवाचारों से होनी चाहिए, किसी फिल्मी किरदार से नहीं।

वांगचुक ने बताया कि फिल्म बनने के दौरान उनसे कभी सलाह नहीं ली गई और न ही उनकी अनुमति ली गई। उनके अनुसार, फिल्म की टीम उनके स्कूल तक पहुंची थी, लेकिन पूरे प्रोजेक्ट को गोपनीय रखा गया। बाद में जब फिल्म रिलीज हुई तो लोगों ने उन्हें बधाइयां देनी शुरू कर दीं। तब उन्हें पता चला कि उनकी जिंदगी और उनके स्कूल को फिल्म से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने इस पर निर्माताओं को पत्र भी लिखा, लेकिन उन्हें कभी कोई जवाब नहीं मिला।

सोनम वांगचुक ने यह भी खुलासा किया कि 2008 में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात आमिर खान से हुई थी। उस समय उन्होंने आमिर को सियाचिन विवाद पर फिल्म बनाने का सुझाव दिया था, जिसमें दोनों देशों के बीच शांति और शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश हो। हालांकि बाद में रिलीज हुई ‘3 इडियट्स’ में उन्हें अपने जीवन से मिलती-जुलती बातें दिखाई दीं, लेकिन उनका कहना है कि यदि फिल्म उनके जीवन से प्रेरित भी है, तो भी वह उस जुड़ाव पर गर्व नहीं करते और चाहते हैं कि लोग उनके वास्तविक कार्यों को पहचानें।

फिल्म ‘3 इडियट्स’ की रिलीज के बाद लेखक चेतन भगत और निर्माताओं के बीच कहानी के क्रेडिट को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया था। चेतन भगत ने दावा किया था कि फिल्म उनकी किताब ‘फाइव पॉइंट समवन’ पर आधारित थी, जबकि निर्माताओं ने इसे अलग तरीके से पेश किया। करीब दो दशक बाद भी यह बहस जारी है कि फिल्म वास्तव में किससे प्रेरित थी। वहीं सोनम वांगचुक का कहना है कि भारत में फिल्मों और क्रिकेट को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है, जबकि असली बदलाव उन लोगों से आता है जो जमीन पर काम करके समाज को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं।

You may have missed