September 5, 2026

JPSC घोटाला: 80 लाख रुपये में नौकरी का सौदा, पिता के खाते से एजेंट को भेजे 16 लाख; CID पूछताछ में बड़ा खुलासा

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सर्च न्यूज: सच के साथ: रांची, 17 अगस्त 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID को पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया है कि 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में चयन कराने के नाम पर एक अभ्यर्थी से 80 लाख रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई है। गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ ने CID के सामने कथित तौर पर बताया कि उसने एजेंट पवन सिंह को अपने पिता के बैंक खाते से कुल 16 लाख रुपये भेजे थे।

80 लाख में हुआ था चयन का कथित सौदा: CID के अनुसार, हजारीबाग के बड़कागांव निवासी सुमन सौरभ ने पूछताछ में बताया कि 14वीं JPSC परीक्षा में चयन कराने के लिए एजेंट पवन सिंह के साथ 80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। कथित समझौते के अनुसार 20 लाख रुपये प्रारंभिक परीक्षा से पहले, 40 लाख मुख्य परीक्षा से पहले और बाकी 20 लाख रुपये साक्षात्कार से पहले देने की बात कही गई थी। सुमन के बयान के मुताबिक, स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पहले दो बार JPSC और एक बार JSSC CGL परीक्षा में असफल रहा था। इसके बाद एक परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात पवन सिंह से हुई। आरोप है कि एजेंट ने उसे परीक्षा में केवल कुछ सवाल हल करने और बाकी OMR शीट खाली छोड़ने के लिए कहा था

पिता के खाते से चार किस्तों में भेजे 12 लाख: जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल 2026 को बोकारो केंद्र पर 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा आयोजित हुई थी। सुमन ने कथित तौर पर दोनों पालियों में क्रमशः 38 और 48 प्रश्न ही हल किए। इसके बाद उसने अपने पिता के बैंक खाते से एजेंट के खाते में चार किस्तों में 12 लाख रुपये भेजे। 2 जुलाई को परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद उसने कथित तौर पर 4 लाख रुपये और भेजे, जिससे कुल भुगतान 16 लाख रुपये हो गया। मामला उस समय सामने आया जब अभ्यर्थी की OMR शीट सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसके बाद जांच एजेंसियों का ध्यान परीक्षा में कथित गड़बड़ी और चयन प्रक्रिया की ओर गया। CID अब अभ्यर्थी और एजेंट से जुड़े बैंक खातों तथा लेन-देन की जांच कर रही है।

उप-परीक्षा नियंत्रक से भी पूछताछ: CID ने JPSC की उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता से भी पूछताछ की है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की बात स्वीकार की, लेकिन इसकी जिम्मेदारी तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के निर्देशों पर डालने की बात कही। उनका दावा है कि 11वीं और 13वीं JPSC के परिणाम तैयार करने और प्रकाशित करने की प्रक्रिया में उन्हें तत्कालीन अध्यक्ष के निर्देश मिले थे। जांच में परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL के कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। रिपोर्ट के मुताबिक OMR शीट की स्कैनिंग और परीक्षा संचालन से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। CID परीक्षा प्रक्रिया में कथित तौर पर OMR शीट में बदलाव, प्रश्नपत्र से जुड़ी अनियमितताओं और परीक्षा संचालन की पूरी व्यवस्था की जांच कर रही है।

पूर्व JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज: JPSC भर्ती विवाद में CID ने पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया है। उन पर परीक्षा से संबंधित कार्य एक ऐसी कंपनी को देने सहित गंभीर अनियमितताओं के आरोपों की जांच चल रही है। जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं तथा TDPL से जुड़े परिसरों में कार्रवाई की गई है। CID अब कथित पैसे के लेन-देन, परीक्षा प्रक्रिया में संभावित हेरफेर और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अन्य संदिग्धों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी जारी है। हालांकि, जांच एजेंसी ने कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने संबंधी सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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