जमशेदपुर टिनप्लेट कंपनी हादसा: मुआवजे के बवाल में आमने-सामने आए कांग्रेस और भाजपा नेता
सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर: टाटा स्टील के टिनप्लेट विस्तार प्रोजेक्ट साइट पर शुक्रवार शाम को हुए बड़े हादसे के बाद टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) परिसर में रात भर भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। दुर्घटना में एक ठेका मजदूर संजय शर्मा की असमय मौत और एक अन्य मजदूर दिलीप शर्मा के गंभीर रूप से घायल होने के बाद राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचे। मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसने जल्द ही कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद का रूप ले लिया।
प्रबंधन और वेंडर कंपनी के साथ त्रिपक्षीय वार्ता में बनी सहमति: बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल, टाटा स्टील प्रबंधन और वेंडर कंपनी (बीएन दत्ता कंस्ट्रक्शन) के प्रतिनिधि बातचीत के टेबल पर आए। लंबे समय तक चली त्रिपक्षीय वार्ता के बाद आखिरकार गतिरोध समाप्त हुआ। कंपनी प्रबंधन और ठेका एजेंसी पीड़ित परिवार की मांगों पर झुकी और अंततः समझौते के तहत मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता नकद और ₹25,000 प्रति माह की मासिक पेंशन देने पर पूर्ण सहमति बनी।
एक सप्ताह के भीतर दूसरा बड़ा हादसा, कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल: इस दर्दनाक हादसे के बाद टिनप्लेट के लगभग ₹1,600 करोड़ के इस विशाल विस्तार प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि महज एक सप्ताह के भीतर इस साइट पर यह दूसरी जानलेवा दुर्घटना है। बताया जा रहा है कि वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WWTP) एरिया में टावर क्रेन के बेस पर शटरिंग लगाने के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से मजदूर मलबे में दब गए थे। टाटा स्टील के प्रवक्ता ने इस दुर्भाग्यपूर्ण क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया है और घटना के वास्तविक तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
