November 3, 2026

जमशेदपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, कई घायल

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सर्च न्यूज: सच के साथ : लौहनगरी जमशेदपुर का बिष्टुपुर इलाका सोमवार को अचानक अखाड़े में तब्दील हो गया। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्राओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोईजाम के खिलाफ एक विरोध मार्च का आह्वान किया गया था। यह मार्च जैसे ही बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस के जिला मुख्यालय (तिलक पुस्तकालय) के समीप पहुंचा, वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई तीखी नारेबाजी ने देखते ही देखते एक बेहद हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।

लाठी-डंडे चले और जमकर हुआ पथराव: विवाद बढ़ने के बाद दोनों ओर से उग्र कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और सड़क पर जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई। अचानक हुई इस भारी पत्थरबाजी की वजह से बिष्टुपुर के मुख्य मार्ग पर पूरी तरह भगदड़ मच गई और आम जनता के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस खूनी संघर्ष में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार और कांग्रेस के उपाध्यक्ष समेत दोनों राजनीतिक दलों के 10 से अधिक कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से कई लोगों के सिर फटने की आधिकारिक सूचना है।

क्या है इस बड़े विवाद की मुख्य वजह?इस पूरे सियासी बवाल की मुख्य वजह जेएनयू प्रकरण है, जिसमें भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता दिल्ली की जेएनयू यूनिवर्सिटी से जुड़ी छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न मामले में संलिप्तता को लेकर कांग्रेस सांसद की तुरंत गिरफ्तारी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग पर अड़ी थीं। इसके विरोध में सुबह करीब 11:30 बजे जी टाउन क्लब मैदान से भाजपा कार्यकर्ताओं का जुलूस निकला था। कांग्रेस मुख्यालय के ठीक सामने पुतला दहन की कोशिश और दोनों गुटों के बीच उत्पन्न हुए राजनीतिक तनाव के कारण यह हिंसक टकराव पैदा हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त, पुलिस बल तैनात: इस अप्रत्याशित घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इलाके में और अधिक तनाव न फैले, इसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय और पूरे बिष्टुपुर क्षेत्र के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं तथा अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

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