November 4, 2026

Jantar-Mantar case:जंतर-मंतर मारपीट मामला: 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत पर तिहाड़ से बाहर आए स्वतंत्र भारद्वाज, मीडिया से बचते हुए तेजी से गाड़ी की ओर दौड़े

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सर्च न्यूज: सच के साथ: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दिए जाने के बाद, दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को गुरुवार देर रात तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया. कोर्ट ने जमानत वारंट जारी करने से पहले उनके द्वारा पेश किए गए नए जमानत बांड की गहन कानूनी स्क्रूटनी पूरी की. जेल से बाहर आते ही वहां भारी संख्या में मीडियाकर्मी उनका बयान लेने के लिए इंतजार कर रहे थे, लेकिन स्वतंत्र भारद्वाज पत्रकारों से बिना कोई बातचीत किए सीधे तेजी से अपनी गाड़ी की तरफ दौड़ पड़े और अपने सहयोगियों के साथ वहां से चले गए.

यह पूरा मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता (संजय आज़ाद) के साथ हुई मारपीट और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से जुड़ा हुआ है. स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से तब गिरफ्तार किया गया था, जब उनका एक पॉडकास्ट इंटरव्यू वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कथित रूप से पीड़ित का सिर फोड़ने और राजनीतिक रसूख के कारण गिरफ्तारी से बचने का दावा किया था. इसके बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर की अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को ₹50,000 के मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही कई कड़ी शर्तें भी लागू की हैं. अदालत ने साफ तौर पर आदेश दिया है कि जमानत की अवधि के दौरान वह इस मामले, अपनी सुरक्षा या शिकायतकर्ता के परिवार के बारे में सोशल मीडिया या किसी भी मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई चर्चा, पोस्ट या प्रकाशन नहीं कर सकेंगे. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल उनके आचरण पर नज़र रखने के लिए एक अस्थायी राहत है और मामले में उनकी नियमित जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 6 अक्टूबर, 2026 को होगी

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