Jamshedpur: बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं: बिना फिटनेस और पुलिस वेरिफिकेशन के सड़क पर नहीं उतरेंगे स्कूली वाहन, प्रशासन सख्त
सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर, 18 सितंबर 2026महानगर और आस-पास के क्षेत्रों में स्कूली बच्चों की दैनिक यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने एक बड़ा और कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाल ही में सामने आईं सुरक्षा संबंधी चिंताओं और शिकायतों के बाद, शहर में अवैध या असुरक्षित रूप से संचालित हो रहे स्कूली वाहनों (मारुति वैन, टाटा मैजिक, ऑटो-रिक्शा और बसों) के खिलाफ एक व्यापक संयुक्त जांच अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है।
- शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन (Police Verification): स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले सभी चालकों और सहायकों का स्थानीय पुलिस से चरित्र सत्यापन हुआ हो। बिना सत्यापन रिपोर्ट के किसी भी चालक को स्कूल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।दस्तावेजों और फिटनेस की अनिवार्यता: बिना वैध परमिट, इंश्योरेंस (बीमा), फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) के चलने वाले वाहनों को तुरंत जब्त कर उनका पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
- ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध: क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले ऑटो और वैन चालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।भौतिक सुरक्षा मानक: स्कूली वाहनों की खिड़कियों और पीछे के खुले हिस्सों में सुरक्षा ग्रिल या लोहे की जाली लगी होनी आवश्यक है। इसके अलावा, वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स (First Aid Box) और अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) की उपलब्धता भी अनिवार्य की गई है।
- 15 साल पुराने वाहनों पर रोक: बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 15 वर्ष से अधिक पुराने और जर्जर हो चुके वाहनों के सड़कों पर परिचालन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की संयुक्त जिम्मेदारी: जिला परिवहन विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहाँ आने वाले सभी अनुबंधित और निजी परिवहन वाहनों का एक संपूर्ण डेटाबेस तैयार करें और उसे विभाग के साथ साझा करें। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे केवल उन्हीं वाहनों का चयन करें जो सरकारी सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हों और स्वयं भी चालकों के दस्तावेजों की पुष्टि करें।यातायात पुलिस और मोटर वाहन निरीक्षकों (MVI) की टीमें शहर के विभिन्न स्कूल जोनों और प्रमुख चौराहों पर औचक निरीक्षण (Surprise Checks) कर रही हैं। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधनों और वाहन स्वामियों, दोनों के खिलाफ कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
