September 5, 2026

Iran- America:ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: ट्रंप का बड़ा बयान, होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की धमकी

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सर्च न्यूज: सच के साथ: वॉशिंगटन/तेहरान, 15 अगस्त 2026: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य तक पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद अमेरिका जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का क्षेत्र घोषित कर सकता है। न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को गंभीर सैन्य नुकसान हुआ है और अमेरिका जलडमरूमध्य पर प्रभावी नाकाबंदी बनाए हुए है।

ट्रंप के बयान पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि होर्मुज को किसी ट्वीट, विमानवाहक पोत, आदेश या चुनावी भाषण के जरिए कब्जे में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने दोहराया कि होर्मुज ईरानी नियंत्रण में है और इसे कब खोलना या बंद करना है, इसका फैसला ईरान ही करेगा

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए इसका महत्व बहुत अधिक है और युद्ध से पहले दुनिया के तेल कारोबार का लगभग पांचवां हिस्सा इस मार्ग से गुजरता था। मौजूदा संघर्ष के कारण यहां समुद्री यातायात में भारी गिरावट आई है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

होर्मुज में व्यवधान का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों से ऊंची पेट्रोल कीमतों को स्वीकार करने की अपील भी की है। Reuters के अनुसार, 14 अगस्त तक अमेरिका में गैसोलीन की कीमत पिछले साल की तुलना में लगभग 29 प्रतिशत अधिक थी।

ट्रंप की घोषणा और ईरान की जवाबी प्रतिक्रिया ने दोनों देशों के बीच टकराव को और गंभीर बना दिया है। इसके साथ ही होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर तनाव भी जारी है। AP के अनुसार, हाल में एक UAE-संबंधित टैंकर पर हमले की घटना भी सामने आई है, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ी हैं।

होर्मुज संकट केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। एशिया और यूरोप के कई देश इस समुद्री मार्ग से आने वाले तेल और गैस पर निर्भर हैं। लंबे समय तक मार्ग बाधित रहने पर कच्चे तेल की कीमतों, पेट्रोल-डीजल की लागत, परिवहन खर्च और वैश्विक महंगाई पर असर पड़ सकता है। यही कारण है कि दुनिया की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता और होर्मुज में समुद्री यातायात की स्थिति पर बनी हुई है।

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