November 6, 2026

Farmers march to Delhi again:किसानों का फिर दिल्ली कूच, खनौरी बॉर्डर सील; 228 किमी की ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ शुरू

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सर्च न्यूज: सच के साथ: नई दिल्ली/जींद, 16 अगस्त 2026: किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद पंजाब-हरियाणा के खनौरी-दातासिंहवाला बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेतृत्व में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की अगुवाई में किसानों ने दिल्ली की ओर पैदल मार्च का कार्यक्रम बनाया है। इसके मद्देनजर हरियाणा प्रशासन ने बॉर्डर को सील करते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया है।

किसान संगठनों ने 16 अगस्त से ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ शुरू करने का ऐलान किया है। प्रस्तावित मार्च लगभग 228 किलोमीटर लंबा है और किसानों का लक्ष्य 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचना है। यह पदयात्रा मुख्य रूप से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए आयोजित की जा रही है।

किसानों के मार्च को देखते हुए जींद प्रशासन ने खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, रास्ते पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग, कंक्रीट अवरोध और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ वॉटर कैनन और वज्र वाहन भी तैयार रखे गए हैं।

किसान नेताओं के अनुसार, पदयात्रा दातासिंहवाला क्षेत्र से शुरू होकर दिल्ली की ओर बढ़ेगी। प्रशासन का कहना है कि बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और बिना अनुमति किसी बड़े समूह को आगे बढ़ने से रोकना है। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है।

खनौरी बॉर्डर पर पहले भी किसान आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन चुकी है। इस बार प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पहले से व्यापक इंतजाम किए हैं। बॉर्डर पर रास्ते बंद किए जाने और भारी सुरक्षा तैनाती के कारण क्षेत्र में आवाजाही भी प्रभावित हुई है। फिलहाल किसानों की पदयात्रा और प्रशासन की सख्ती के बीच खनौरी बॉर्डर पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किसान संगठनों और प्रशासन के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या दिल्ली की ओर प्रस्तावित मार्च को लेकर तनाव और बढ़ता है।