November 3, 2026

एमजीएम अस्पताल से होमगार्ड हटाने के फैसले पर बवाल, पूर्व सैनिकों की तैनाती के विरोध में सड़क पर उतरे जवान

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जमशेदपुर, 1 नवंबर 2026। मानगो स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवानों को हटाकर उनकी जगह पूर्व सैनिकों की तैनाती किए जाने की खबर से जवानों में नाराजगी बढ़ गई है। इस फैसले के विरोध में होमगार्ड जवान सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जवानों का कहना है कि वे लंबे समय से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। ऐसे में उन्हें हटाने का निर्णय उनके रोजगार और भविष्य पर सवाल खड़े करता है।

एमजीएम अस्पताल में तैनात लगभग 120 होमगार्ड जवानों की जगह पूर्व सैनिकों को चरणबद्ध तरीके से तैनात करने की योजना है। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित और प्रभावी बनाने, भीड़ को नियंत्रित करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है। अस्पताल के इमरजेंसी विभाग और वार्डों में मरीजों एवं उनके परिजनों की बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना इस निर्णय का प्रमुख उद्देश्य बताया जा रहा है।


वहीं, होमगार्ड जवानों का कहना है कि झारखंड सरकार के गृह विभाग ने अप्रैल 2021 में सरकारी संस्थानों में सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए होमगार्ड जवानों की तैनाती को लेकर निर्देश जारी किया था। जवान इसी आदेश का हवाला देते हुए मौजूदा निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें आशंका है कि अस्पताल से हटाए जाने के बाद उनके काम और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस मुद्दे को लेकर जवानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।


इस मामले ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ होमगार्ड जवानों के रोजगार और भविष्य को लेकर भी बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर अस्पताल प्रबंधन और संबंधित विभागों के अगले कदम पर है। जवानों की मांग है कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। हालांकि, तैनाती में बदलाव की अंतिम प्रक्रिया और विरोध प्रदर्शन को लेकर संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

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