November 4, 2026

एमएमडीआर संशोधन अधिनियम के खिलाफ पोटका में झामुमो का महासंग्राम: विधायक संजीव सरदार बोले, ‘हक छीनने की साजिश बर्दाश्त नहीं’

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सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पोटका प्रखंड कमेटी के तत्वावधान में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक (MMDR) के खिलाफ प्रखंड मुख्यालय के समक्ष एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में स्थानीय ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र की भाजपा नीत सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस संशोधित कानून को पूरी तरह से जनविरोधी और राज्य विरोधी करार दिया।

विधायक संजीव सरदार का केंद्र पर कड़ा प्रहार: खनिज संपदा को हड़पने का आरोपधरना प्रदर्शन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पोटका के स्थानीय विधायक संजीव सरदार ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एक सोची-समझी साजिश के तहत झारखंड के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। संजीव सरदार ने आरोप लगाया कि भाजपा इस नए MMDR बिल के जरिए पिछले दरवाजे से राज्य की समृद्ध खनिज संपदा पर कब्जा करना चाहती है, जिससे झारखंड के विकास कार्य और ‘मइयां सम्मान योजना’ जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। उन्होंने चेताया कि जल, जंगल, जमीन और आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाने और शहीद होने को तैयार हैं।

सड़क से सदन तक उलगुलान की चेतावनी, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन: झामुमो नेताओं ने स्पष्ट किया कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों और आर्थिक हितों से किसी भी प्रकार की अनदेखी या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक ने जनता से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि राज्य के हक और अधिकार के लिए यह आंदोलन सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क से लेकर सदन तक यह लड़ाई जारी रहेगी। विरोध प्रदर्शन के समापन के उपरांत झामुमो के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक विस्तृत मांग पत्र पोटका के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) को सौंपा, जिसमें इस विवादित बिल को अविलंब वापस लेने की मांग की गई है।

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