November 3, 2026

देशभर में 40 से 50 अस्पताल बनाएगा टाटा ट्रस्ट्स, आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को सस्ता इलाज दिलाने की तैयारी

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सर्च न्यूज: सच के साथ: मुंबई। देश में महंगे इलाज के कारण आर्थिक संकट का सामना करने वाले परिवारों को राहत पहुंचाने की दिशा में टाटा ट्रस्ट्स ने एक महत्वपूर्ण पहल की योजना बनाई है। संस्था देशभर में 40 से 50 गैर-लाभकारी जनरल अस्पतालों का नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में इस योजना और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की रणनीति का उल्लेख किया है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को मजबूत करना है।

क्रॉस-सब्सिडी मॉडल से जरूरतमंदों को मिलेगी राहत: प्रस्तावित अस्पतालों में क्रॉस-सब्सिडी मॉडल अपनाने की योजना है। इसके तहत इलाज का खर्च उठाने में सक्षम मरीजों से मिलने वाली फीस का उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मुफ्त या रियायती दरों पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जा सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी जरूरतमंद को गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहना पड़े। हालांकि, मरीजों की पात्रता, उपचार पर मिलने वाली छूट और आवेदन प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश अभी सामने नहीं आए हैं।

पांच वर्षों में 25 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य; टाटा ट्रस्ट्स की वर्ष 2026 से 2031 तक की स्वास्थ्य रणनीति में नए अस्पतालों के निर्माण के साथ मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। योजना के तहत लगभग 75 ब्लॉकों में 25 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और 100 से अधिक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा ग्रामीण और जरूरतमंद आबादी को बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। हालांकि, प्रस्तावित अस्पताल किन शहरों और राज्यों में बनाए जाएंगे, इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी जारी नहीं हुई है।

वर्ष 2025-26 में 1,556 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण: टाटा ट्रस्ट्स की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में संस्था ने विभिन्न सामाजिक और विकास कार्यों के लिए 1,556.31 करोड़ रुपये वितरित किए। इनमें ग्रामीण विकास, शिक्षा, कैंसर देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे। कैंसर देखभाल कार्यक्रमों के तहत इस अवधि में 1,06,626 बाह्य रोगी परामर्श दिए गए, 24,874 कीमोथेरेपी चक्र पूरे किए गए और 2,879 सर्जरी की गईं। नोएल टाटा ने सामाजिक कार्यों के प्रभाव का आकलन केवल खर्च की गई राशि या लाभार्थियों की संख्या से करने के बजाय वास्तविक और दीर्घकालिक बदलाव के आधार पर करने पर जोर दिया है। प्रस्तावित अस्पतालों की सफलता अब उनके निर्माण, संचालन और जरूरतमंद मरीजों तक सुविधाएं पहुंचाने की प्रभावशीलता पर निर्भर

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