September 5, 2026

Bhopal: भोपाल में बड़ा शिक्षा घोटाला: 10 साल तक सिर्फ कागजों में चलता रहा बीएड कॉलेज, उच्च स्तरीय जांच के आदेश

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सर्च न्यूज: सच के साथ: मध्य प्रदेश के भोपाल में शिक्षा विभाग और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) से जुड़ा एक बहुत बड़ा शिक्षा घोटाला सामने आया है, जहां पिछले 10 वर्षों से एक बीएड कॉलेज धरातल पर मौजूद न होकर सिर्फ कागजों पर ही संचालित हो रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी वास्तविक बुनियादी ढांचे या भवन के, यह फर्जी संस्थान सालों से छात्रों को डिग्रियां भी बांट रहा था। सामाजिक कार्यकर्ता भगवान सिंह राजपूत की लिखित शिकायत के बाद जब इस मामले की उच्च स्तरीय पड़ताल की गई, तब जाकर इस पूरे ‘कागजी साम्राज्य’ का भंडाफोड़ हुआ।

जांच टीमों द्वारा की गई जमीनी पड़ताल में पाया गया कि विदिशा रोड स्थित ग्राम मुगलिया कोट में पंजीकृत श्रीराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन का मौके पर कोई अस्तित्व ही नहीं है, बल्कि उस चिन्हित पते (खसरा नंबर 148/149) पर केवल खाली खेत और खेती-बाड़ी का काम हो रहा है। इसके अतिरिक्त, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 127 निजी बीएड कॉलेजों की जांच में 30 से अधिक संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इनमें से दो कॉलेज तो पूरी तरह गायब मिले, जबकि तीन निर्धारित पते के बजाय किसी अन्य स्थान या छोटे स्कूलों के परिसरों में अवैध रूप से चलते पाए गए

इस गंभीर फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद, विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए एक सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं。 हालांकि, इससे पहले विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा केवल एक नोटरी शपथ-पत्र (हलफनामे) के आधार पर 125 निजी बीएड कॉलेजों को नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया के लिए सशर्त हरी झंडी देने पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग इस बात की विस्तृत जांच करवा रहे हैं कि बिना भौतिक सत्यापन के इतने बड़े पैमाने पर छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ कैसे होता रहा।