November 3, 2026

बाल्डविन फार्म एरिया हाई स्कूल में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत हुईं भारतीय महाकाव्यों की गाथाएँ

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सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर, 15 अक्टूबर 2026:** बाल्डविन फार्म एरिया हाई स्कूल, कदमा, जमशेदपुर में भारतीय संस्कृति, परंपरा और शाश्वत जीवन-मूल्यों को समर्पित *महिषासुर मर्दिनी* एवं *रामलीला* की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं।

महिषासुर मर्दिनी नृत्य-नाटिका में माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध के माध्यम से बुराई पर अच्छाई, भय पर साहस तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रभावशाली चित्रण किया गया। वहीं, रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, त्याग, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।

विद्यार्थियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने उनकी प्रतिभा, रचनात्मकता और अभिनय-कौशल को प्रदर्शित करने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत एवं पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश भी दिया।कार्यक्रम में डॉ. अशोक सिंह, निदेशक (शैक्षणिक) एवं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद्; डॉ. सुभश्री सरकार, प्राचार्या; श्री सचिन कुमार, प्रशासक तथा श्रीमती अर्चना बोस, उप-प्राचार्या उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. अशोक सिंह ने सभी प्रतिभागियों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों के प्रति धन्यवाद प्रकट किया, जिन्होंने अपने व्यस्त समय में से समय निकालकर कार्यक्रम में भाग लिया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। महिषासुर को नकारात्मकता का प्रतीक बताते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन से नकारात्मक विचारों को दूर कर सकारात्मकता, साहस और सदाचार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार माँ दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया, उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी अपने भीतर की नकारात्मकता पर विजय प्राप्त कर एक बेहतर इंसान बनने का प्रयास करना चाहिए।

डॉ. राजीव रंजन सिन्हा, निदेशक (प्रशासन) एवं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद्, तथा श्री प्रभास कुमार, सचिव ने इस पहल की सराहना करते हुए पारंपरिक मूल्यों, सांस्कृतिक जागरूकता और माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करने के विद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि साहस, भक्ति, सत्य और सदाचार जैसे मूल्य सदैव प्रासंगिक रहेंगे तथा भारतीय संस्कृति के आदर्श जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं।

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