15वें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, आंदोलन ने बढ़ाई सरकार की चुनौती
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन ने रविवार को नया मोड़ ले लिया। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 15वें दिन शिक्षा सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का चेहरा बने शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत और बिगड़ गई। संगठन की ओर से जारी स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार उनका रक्तचाप घटकर 104/66 mm Hg रह गया है, जबकि भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन 7.8 किलोग्राम कम हो चुका है।
आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक समर्थन भी लगातार मिल रहा है। रविवार को कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक बुद्धिजीवियों के जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताने की उम्मीद जताई गई। वहीं, CPI(ML) लिबरेशन से संबद्ध ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कई छात्र नेता भी अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। दिन का समापन अर्थशास्त्री जयंती घोष के ‘बेरोजगारी का अर्थशास्त्र’ विषय पर सार्वजनिक व्याख्यान के साथ प्रस्तावित है।
इस बीच, सोनम वांगचुक ने लोगों से उन्हें “नायक” न मानने की अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी स्वयं निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं और नागरिकों से 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होकर अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का आग्रह किया। वांगचुक की बिगड़ती सेहत और आंदोलन को मिल रहा बढ़ता समर्थन अब इस पूरे मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ले आया है।
