1.5 Lakh People, Severe Doctor Shortage: डेढ़ लाख की आबादी, डॉक्टरों की भारी कमी: रामचंद्रपुर स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की व्यवस्था पर सवाल
सर्च न्यूज: सच के साथ: पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के बरसोल क्षेत्र स्थित रामचंद्रपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की बात सामने आई है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार स्वास्थ्य केंद्र के बावजूद क्षेत्र की करीब डेढ़ लाख की ग्रामीण आबादी को अपेक्षित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं होने से मरीजों को इलाज के लिए दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि रामचंद्रपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सकों के साथ पर्याप्त मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाए, ताकि नियमित ओपीडी और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें। लोगों का कहना है कि केवल अस्पताल का भवन और बुनियादी ढांचा तैयार कर देने से स्वास्थ्य सुविधा पूरी नहीं होती, बल्कि वहां डॉक्टर और अन्य आवश्यक कर्मचारी भी उपलब्ध होना जरूरी है।
ग्रामीणों के लिए यह स्थिति खास तौर पर चिंता का विषय है, क्योंकि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की सेवाएं प्रभावी नहीं होने पर निजी अस्पतालों या दूर स्थित बड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भरता बढ़ती है, जिससे इलाज का खर्च और आने-जाने की परेशानी दोनों बढ़ सकती हैं। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि प्रशासन स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति की समीक्षा कर जल्द आवश्यक चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति करे, ताकि बरसोल क्षेत्र की बड़ी ग्रामीण आबादी को समय पर बेहतर सरकारी स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
