November 4, 2026

Yamuna Expressway Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर मौत का सफर: 9 यात्रियों की जान गई, बस के नियमों की अनदेखी ने बढ़ाए सवाल

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सर्च न्यूज: सच के साथ: ग्रेटर नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ। बस में करीब 30-35 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला, जबकि कुछ लोगों ने खिड़कियों से निकलकर अपनी जान बचाई। पुलिस और फायर विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

हादसे के बाद बस के दस्तावेजों और यातायात नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। ताजा जांच संबंधी रिपोर्ट के मुताबिक, बस के खिलाफ अलग-अलग उल्लंघनों के 19 चालान लंबित थे, जिनकी कुल राशि करीब 1.75 लाख रुपये बताई गई है। इनमें परमिट से जुड़े उल्लंघन, रेट्रोफिटिंग और अन्य यातायात नियमों से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं। जनवरी 2026 में कम उम्र के चालक से बस चलाने को लेकर भी चालान किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच में यह भी सामने आया है कि बस के इंजन से आवाज आने की शिकायत पहले की गई थी। हादसे के बाद कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस के अंदर जलने जैसी गंध महसूस होने पर चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन बस को तत्काल नहीं रोका गया। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और यात्रियों के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

इस हादसे ने निजी बसों की फिटनेस, परमिट, लंबित चालानों और सड़क पर उनके संचालन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि अगर किसी वाहन के खिलाफ बार-बार नियम उल्लंघन दर्ज हो रहे हों, तो उसे सड़क पर चलने से रोकने के लिए संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। नौ लोगों की मौत के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने हादसे की वजह के साथ-साथ बस के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट और पूर्व उल्लंघनों की पूरी जिम्मेदारी तय करना भी अहम होगा।

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