November 4, 2026

TPC प्रमुख ब्रजेश गंझू का UP में एनकाउंटर: रामनगर में ATS ने मार गिराया, झारखंड सरकार-NIA ने रखा था 30 लाख का इनाम

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सर्च न्यूज; सच के साथ: वाराणसी: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (UP ATS) को रविवार सुबह एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। झारखंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TSPC/TPC) के सुप्रीमो और कमांडर ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को एटीएस की टीम ने वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित टेंगरा मोड़ के पास एक मुठभेड़ में मार गिराया। ब्रजेश गंझू पर झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिससे उस पर कुल 30 लाख रुपये का संयुक्त इनाम था।

एटीएस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 5 बजे मुखबिर की सटीक सूचना पर वाराणसी के रामनगर इलाके में नाकाबंदी की गई थी। खुफिया इनपुट मिला था कि एक शातिर नक्सली कमांडर मोटरसाइकिल से मुगलसराय की ओर जा रहा है। जब संदिग्ध बाइक सवार को एटीएस की टीम ने रुकने का इशारा किया, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं, लेकिन एटीएस की जवाबी कार्रवाई में ब्रजेश गंझू गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।ब्रजेश गंझू मूल रूप से झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र का रहने वाला था और लंबे समय से ट्रांसपोर्टरों, कोयला खनन कंपनियों व ठेकेदारों से करोड़ों रुपये की लेवी (वसूली) वसूलने की गतिविधियों में सक्रिय था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने करीब आठ साल पहले टेरर फंडिंग के एक बड़े मामले में उसे मोस्ट वांटेड घोषित कर उसके घर की कुर्की भी की थी।

झारखंड में 100 से अधिक आपराधिक व नक्सली मामलों में वांछित ब्रजेश गंझू के इस एनकाउंटर को झारखंड और उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है।

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