November 5, 2026

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों पर बड़ा एक्शन प्लान!

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देश में वर्षों से लंबित मामलों की समस्या को कम करने के लिए केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट मिलकर नए समाधान तलाश रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि गृह मंत्रालय न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज करने और लोगों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि लंबित मामलों के बोझ को कम करने के लिए एक नई व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया फिंगरप्रिंट कॉन्फ्रेंस-2026 के उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने कहा कि अपराध जांच की गुणवत्ता सुधारना तेज और सटीक न्याय की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों से अपील की कि वे अपराध स्थल से सबूतों को पूरी सावधानी से एकत्र करें और उन्हें किसी भी प्रकार के प्रदूषण या छेड़छाड़ से बचाएं, ताकि अदालतों में मजबूत और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

गृह मंत्री ने बताया कि नए आपराधिक कानून लागू करते समय सरकार ने पुराने कानूनों की कई कमियों की पहचान की थी। उनके अनुसार, कानून से जुड़ी लगभग 90 प्रतिशत खामियों को दूर किया जा चुका है। उनका मानना है कि बेहतर जांच, आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक और मजबूत कानूनी ढांचे के जरिए दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने में मदद मिलेगी, जिससे न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

भारत की न्यायिक प्रणाली इस समय लाखों लंबित मामलों के दबाव का सामना कर रही है। ऐसे में केंद्र और न्यायपालिका के बीच बढ़ता समन्वय न्यायिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित उपाय प्रभावी साबित होते हैं, तो आने वाले वर्षों में अदालतों में मामलों के निपटारे की रफ्तार बढ़ सकती है और आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हो सकती है।